जुलुस ने ताजिया के निर्धारित रुट को स्वयं अचानक बदल लिया, विरोध करने पर की तोड़फोड़, आगजनी,

जुलुस ने ताजिया के निर्धारित रुट को स्वयं अचानक बदल लिया, विरोध करने पर की तोड़फोड़, आगजनी,

जुलुस ने ताजिया के निर्धारित रुट को स्वयं अचानक बदल लिया, विरोध करने पर की तोड़फोड़, आगजनी,

जुलुस ने निर्धारित रुट में स्वयं ही बदलाव कर लिया जिसका दुसरे सम्प्रदाय के लोगो ने विरोध किया. जिस पर अचानक मुँह बांधे हुए कुछ लोग आ गए उन्होंने ताजिया रोकने वालों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद आसपास खाड़ी आधा दर्जन गाडियों में आग लगा दी।
यूपी के कानपुर में शाम जूही थाना क्षेत्र के परमपुरवा इलाके ताजिया निकालने को लेकर दो समुदाय में जमकर बवाल हो गया। बवाल में जमकर पथराव और आगजनी हो गई। बवाल तब शुरू हुआ जब एक पक्ष के लोग ताजिया अलग रास्ते से निकलने लागे इसी दौरान दूसरे पक्ष ने ताजिया निकलने का विरोध कर दिया जिस पर अचानक मुँह बांधे हुए कुछ लोग आ गए उन्होंने ताजिया रोकने वालों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद आसपास खाड़ी आधा दर्जन गाडियों में आग लगा दी।
जुलुस ने ताजिया के निर्धारित रुट को स्वयं अचानक बदल लिया, विरोध करने पर की तोड़फोड़, आगजनी,

डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी सोनिया सिंह मौके पर लोगों को समझाती रही। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस चौकी परम पुरवा में तोड़फोड़ कर दी | पथराव में करीब एक दर्जन लोगो को चोटे आई हैं। कई पुलिस वाले भी घायल हुए जबकि अभी मौके पर भारी तनाव बना हुआ है। पथराव और आगजनी की सूचना पर कई थानों की पुलिस के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौके के हालातो को देखते हुए दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद माहौल को शांत कराया। कानपुर में बवाल पर एडीजी लखनऊ आनंद कुमार ने जानकारी देते हुए कहा है कि हालात काबू में है। उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। मौके पर पैरा मिलिट्री फोर्स भेजी गई है। पुलिस गश्त कर रही है।
अतिसंवेदनशील क्षेत्र रावतपुर में आखिर एक बार फिर जिला प्रशासन और पुलिस नकारा साबित हुई। सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। दशहरे और मुहर्रम के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा बरती गई लापरवाही आखिरकार सामने आ ही गई। वहीं बीजेपी विधायक और जिले की डीआईजी को घटना मामूली बात लगी। रावतपुर में पिछले तीन दिनों से सांप्रदायिक माहौल गर्म था। बीते दिन दो समुदायों के लोगो में आपसी छुटपुट घटनाओ में पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए एक समुदाय के चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिस पर क्षेत्र के रामलला मंदिर में बीजेपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता बैठक कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने उनको इकठ्ठा होने से मना किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को छोड़ने की मांग की जिसमें कुछ गर्मागर्मी हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा नारा लगाए जाने पर पुलिस ने उनपर जमकर लाठीचार्ज किया। कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।
जुलुस ने ताजिया के निर्धारित रुट को स्वयं अचानक बदल लिया, विरोध करने पर की तोड़फोड़, आगजनी,लाठीचार्ज की घटना के बाद मौके पर डीएम और डीआईजी पहुंचीं और लोगों को समझाया। बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह साँगा ने मौके पर आकर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और घटना पर वार्तालाप किया लेकिन मीडिया द्वारा घटना के बारे में पूछने पर विधायक अभिजीत सिंह साँगा ने घटना को मामूली बताकर सब कुछ ठीक ठाक होना बताया। वहीं जिले की कप्तान सोनिया सिंह ने लाठीचार्ज की घटना को नकारते हुए जय श्री राम का नारा लगाया और निकल गई।

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