तैयार रहें 8 नवम्बर फिर आ रहा है – इस बार नोटबंदी से भी बड़ी कार्यवाही के पीएम मोदी ने दिए संकेत

ध्यान रहे 8 नवम्बर फिर आ रहा है – इस बार नोटबंदी से भी बड़ी कार्यवाही के पीएम मोदी ने दिए संकेततैयार रहें 8 नवम्बर फिर आ रहा है – इस बार नोटबंदी से भी बड़ी कार्यवाही के पीएम मोदी ने दिए संकेत

आपको 8 नवम्बर याद तो होगा पिछली साल 1000 और 500 के नोट अचानक बंद करके एक आर्थिक आपातकाल जैसी स्तिथि पैदा कर दी थी, हम यहाँ यह बात नही करेंगें की वो सही थी या गलत, लेकिन हाल ही में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दिए है की इस बार नोटबंदी की तरह बेनामी सम्पति पर भी सरकार कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में अब बेनामी संपत्ति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी. हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के सुंदरनगर और कांगड़ा जिले के रैत की चुनावी सभाओं में उन्होंने भ्रष्टाचार, कालाधन व बेनामी संपत्ति के संदर्भ में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. कहा, कांग्रेस नेताओं को बेनामी संपत्ति छिनने का डर सता रहा है.

आठ नवंबर को कांग्रेसी छाती पीटेंगे, जबकि सरकार बेनामी संपत्ति को लेकर कार्रवाई करेगी. कांग्रेस के लोगों द्वारा रिश्तेदारों, चालकों व नौकरों के नाम पर बनाई करोड़ो की संपत्ति सरकार वापस लेगी और उसे गरीबों में बांटा जाएगा.

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कांग्रेस के प्रस्तावित ‘काले दिवस’ पर तंज करते हुए कहा कि गरीबों का लूटा हुआ पैसा वापस करने पर कांग्रेस के नेताओं को पीड़ा हो रही है, इसलिए आठ नवंबर को छाती पीटने व घड़याली आंसू बहाने का कार्यक्रम रखा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सरदार पटेल के शिष्य हैं, इसलिए अपने पुतले जलाए जाने से डरने वाले नहीं.

जानें क्या है बेनामी संपत्त‍ि?

जैसा की नाम से लगता है कि बेनामी संपत्ति‍ ऐसी संपत्त‍ि है जो बिना नाम की होती है. यहां लेनदेन उस शख्स के नाम पर नहीं होता है जिसने इस संपत्त‍ि के लिए कीमत चुकाई है, बल्कि यह किसी दूसरे शख्स के नाम पर होता है.

यह संपत्त‍ि पत्नी, बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम पर खरीदी गई होती है. जिस शख्स के नाम पर ऐसी संपत्त‍ि खरीदी गई होती है, उसे बेनामदार कहा जाता है.

आमतौर पर ऐसे लोग बेनामी संपत्त‍ि रखते हैं जिनकी आमदनी का मौजूदा स्रोत स्वामित्व वाली संपत्त‍ि खरीदने के लिहाज से अपर्याप्त होता है.

यह बहनों, भाइयों या रिश्तेदारों के साथ ज्वाइंट प्रॉपर्टी भी हो सकती है जिसकी रकम का भुगतान आय के घोषित स्रोतों से किया जाता है.

राहुल को जीएसटी की समझ नहीं- जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरण जेटली ने कहा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को जीएसटी की समझ नहीं है. कांग्रेस शासित राज्यों के वित्त मंत्री एक-एक बिंदु से सहमत हुए. उसके बाद यह लागू हुआ.

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