समुदाय विशेष के लोगों ने सरकारी स्कूल का नाम बदल कर रख दिया इस्लामियां, रविवार नहीं शुक्रवार को करते हैं छुट्टी

समुदाय विशेष के लोगों ने सरकारी स्कूल का नाम बदल कर रख दिया इस्लामियां, रविवार नहीं शुक्रवार को करते हैं छुट्टीसमुदाय विशेष के लोगों ने सरकारी स्कूल का नाम बदल कर रख दिया इस्लामियां, रविवार नहीं शुक्रवार को करते हैं छुट्टी

सरकारी नियमो को ताक पर रखकर कट्टर पंथियों ने सरकारी स्कुल के खुद बना लिए अपने मजहब के अनुसार नियम प्रशासन मौन,

 

स्थानीय विकास खंड के ग्राम सभा ढिलई फिरोजपुर में स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालय शासन के निर्देशों को ताक पर रखकर अपने हिसाब से खुलता और बन्द होता है. बता दें कि, यह परंपरा दशकों से चली आ रही है,

 

लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की. लिहाजा विद्यालय में शुक्रवार को पढ़ाई के दिन छुट्टी रहती है और रविवार को विद्यालय बंद रखने की बजाय खुला रहता है. स्थानीय लोंगो ने इसे दोहरा मापदंड बताया है.

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ग्रामसभा ढिलई फिरोजपुर में हिन्दू-मुस्लिम की मिश्रित आबादी है. जिसमें हिन्दू तबके में अधिकांशतः मल्लाह, राजभर, हरिजन आदि और कुछ विशेष समुदाय के बच्चे इस विद्यालय में पढ़ाई करते हैं. अमूमन ऐसा रहा है.

 

परिषदीय विद्यालयों का नाम प्राथमिक विद्यालय होता है, लेकिन ढिलई फिरोजपुर में स्थित इस विद्यालय का नाम सारे नियमों मानकों को ताक पर रखकर इस्लामियां प्राथमिक विद्यालय रखा गया है.

 

परिषदीय विद्यालयों में रविवार को छुट्टी का मानक है, लेकिन यहां उल्टा है. यहां रविवार को पढ़ाई होती है. इसके बदले यहां शुक्रवार को छुट्टी रहती है. जो परिषदीय विद्यालयों के मानकों की धज्जियां उड़ा रहा है. लेकिन सम्बंधित अधिकारी इस पर कोई कार्यवाई नहीं करते हैं.

 

अगर इसी तरह सभी वर्ग के लोग अपने गांवों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों का नाम अपने जाति और धर्म से रखने लगेंगे तो स्थिति क्या होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. इस सम्बंध में खंड शिक्षा अधिकारी गोपालशरण मिश्र ने कहा कि, यह नाम काफी दिनों से चल आ रहा है. विभाग को सूचना से अवगत कराएंगे. जैसा आदेश होगा वैसी कार्रवाई होगी.

 

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