डेंगू  : एक खतरनाक बीमारी, जानें इसके आयुर्वेदिक उपचार 

डेंगू  : एक खतरनाक बीमारी, जानें इसके आयुर्वेदिक उपचार डेंगू  : एक खतरनाक बीमारी, जानें इसके आयुर्वेदिक उपचार 

 

आजकल डेंगू एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा हुआ है, जिससे कई लोगों की जान जा रही है. यह एक ऐसा वायरल रोग है जिसका मेडिकल चिकित्सा पद्धति में कोई उपचार नहीं है ।

परन्तु आयुर्वेद में इसका उपचार है और वह भी इतना सरल और सस्ता है कि उसे कोई भी कर सकता है ।

तीव्र ज्वर होना, सिर में तेज़ दर्द होना, आँखों के पीछे दर्द होना, उल्टियाँ लगना, त्वचा का सूखना तथा खून के प्लेटलेट की मात्रा का तेज़ी से कम होना डेंगू के कुछ लक्षण हैं ।  जिनका यदि समय पर उपचार न किया जाए तो रोगी की मृत्यु भी सकती है ।

यदि आपके किसी भी जानकार को यह रोग हुआ हो और खून में प्लेटलेट की संख्या कम होती जा रही हो तो निम्न चीजों का रोगी को सेवन करायें  :

अनार का जूस

गेंहूँ के ज्वारे का रस

पपीते के पत्तों का रस

गिलोय/अमृता/अमरबेल सत्व

घृत कुमारी (एलोवेरा) स्वरस

बकरी का दूध

किवी फल का अधिक सेवन

नारियल पानी का अधिक सेवन

 

डेंगू  : एक खतरनाक बीमारी, जानें इसके आयुर्वेदिक उपचार ध्यान देने योग्य विशेष बातें :

रोगी को यदि उल्टियाँ हों तो सेब के रस में नीम्बू मिलाकर सेवन करायें ।

अनार जूस तथा गेंहूँ के ज्वारे का रस नया खून बनाने तथा रोगी की रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करने के लिए है ।

अनार जूस आसानी से उपलब्ध है । यदि गेंहूँ के ज्वारे का रस ना मिले तो रोगी को सेब का रस भी दिया जा सकता है ।

पपीते के पत्तों का रस सबसे महत्वपूर्ण है । पपीते का पेड़ आसानी से मिल जाता है उसकी ताज़ी पत्तियों का रस निकाल कर मरीज़ को दिन में २ से ३ बार आधे से एक कप की मात्रा में दें । एक दिन की खुराक के बाद ही प्लेटलेट की संख्या बढ़ने लगती है ।

गिलोय की बेल का सत्व मरीज़ को दिन में 2-3 बार सेवन करायें । इससे खून में प्लेटलेट की संख्या बढती है । रोग से लड़ने की शक्ति बढती है तथा कई रोगों का नाश होता है । यदि गिलोय की बेल आपको ना मिले तो किसी भी नजदीकी पतंजलि चिकित्सालय में जाकर “गिलोय घनवटी” ले आयें जिसकी एक-एक गोली रोगी को दिन में 3 बार अवशय दें ।

यदि बुखार 1 दिन से ज्यादा रहे तो खून की जाँच अवश्य करवा लें ।

यदि रोगी बार- बार उलटी करे तो सेब के रस में थोडा सा नीम्बू रस मिला कर रोगी को दें । इससे उल्टियाँ शीघ्र बंद हो जायेंगी । यदि रोगी को अंग्रेजी दवाइयाँ दी जा रही है तब भी यह चीज़ें रोगी की बिना किसी डर के दी जा सकती हैं

डेंगू जितना जल्दी पकड़ में आये, उतना जल्दी उपचार आसान हो जाता है और रोग जल्दी ख़त्म होता है । रोगी के खान-पान का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बिना खान-पान में परहेज़ रखे कोई भी दवाई असर नहीं करती ।

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