हर हिन्दू इस खण्डहर की कहानी जरुर पढनी चाहिए और इसे बचाने के लिए आगे आना चाहिए..

हर हिन्दू इस खण्डहर की कहानी जरुर पढनी चाहिए और इसे बचाने के लिए आगे आना चाहिए..हर हिन्दू इस खण्डहर की कहानी जरुर पढनी चाहिए और इसे बचाने के लिए आगे आना चाहिए..

 

हिन्दू-हिन्दू चिल्लाने सन्गठन न कभी इतिहास के काले झूठ को बदलने की बात करते हैं और न ही वो अपनी प्राचीन हिन्दू इमारतों के नव निर्माण के लिए कोई दबाव बनाते हैं. अब इस खँडहर की कहानी ही पढ़ लीजिये, जिसे सुन हर हिन्दू को इसे बचाने के लिए आगे आना चाहिए. बात यहाँ धर्म की नहीं है, बात अपने पूर्वजों के अस्तित्व को याद रखने की.

बता दें कि रेवाड़ी से अंतिम हिन्दू सम्राट हेमचन्द वीर विक्रमादित्या को वाली पीढ़ी उनके बारे में जान सकें इस बात को ध्यान में रखते हुए रेवाड़ी नगर परिषद ने शहर के पुराने इलाके कुतुबपुर का नाम बदलकर हेमचंद विक्रमादित्या रखने का फैसला किया है। उनके इस नाम के प्रस्ताव को पासकर अंतिम मोहर लगने के लिए सरकार के पास भेज दिया है।

खबर अनुसार शहर का कुतुबपुर इलाका वहीं स्थान है जहां अंतिम हिन्दू सम्राट हेमचन्द वीर विक्रमादित्या 1500 इसवीं में रहते थे। आज भी कुतुबपुर में हेमचंद विक्रमादित्या द्वारा बनाई गई हवेली मौजूद है, लेकिन वह अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है।

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बेशक पूरे देश में सम्राट विक्रमादित्या के बारें जाना जाता है लेकिन जहां वो रहें उस शहर में उनके नाम से केवल एक सामुदायिक भवन है। इसलिए अब हेमचंद विक्रमादित्या के बारें में जान सकें और उनका रेवाड़ी से क्या संबंध रहा इस बात को देखते हुए, कुतुबपुर की वार्ड पार्षद ने नाम बदलने के लिए हाऊस की बैठक में प्रस्ताव रखा।

सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य या केवल हेमू (1501-1556) एक हिन्दू राजा था, जिसने मध्यकाल में 16वीं शताब्दी में भारत पर राज किया था।

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