ईसाई संस्था की शर्मनाक हरकत, सफाईकर्मियों की नौकरी के लिए ऊँची जातियों पर निशाना

अहमदाबाद(कर्णावती) – गुजरात के एक ईसाई संगठन द्वारा चलाई जा रही एक संस्था ह्यूमन डिवेलपमेंट ऐंड रिसर्च सेंटर द्वारा सफाई कर्मियों की नौकरी के लिए ऊँची जातियों को अधिक प्राथमिकता देने की घटना पर कई हिन्दू-मुस्लिम संगठन भड़क गए और उन्होंने इसाई संगठन के लिए खिलाफ जमकर बवाल किया।

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दरअसल संस्था ने सफाईकर्मियों के लिए कुछ नौकरियां निकाली हुई थी जिस पर केवल ऊँची जातियों के लिए सीटें आरक्षित थी। इसमें मुख्यत: ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, जैन, पटेल, शेख, सैयद, पारसी और पठान जैसी ऊँची जातियों के लिए ही स्थान आरक्षित थे।

जब इस नौकरी के लिए कुछ विज्ञापन छपे और मामला प्रकाश में आया तो कई सामाजिक संगठनों में इस विज्ञापन के खिलाफ गुस्सा फ़ैल गया। राजपूत शौर्य फाउंडेशन और सुन्नी आवाम फोरम ने इस विज्ञापन के खिलाफ सडको पर उतरने की धमकी दी।

एक मुस्लिम संगठन ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है और संस्था को कोर्ट में घसीटने की बात कही है। राजपूत शौर्य फाउंडेशन ने भी संस्था के दफ्तर में घुस कर तोड़फोड़ की और सरकार से उक्त एनजीओ की सदस्य रद्द करने की बात कही।

इस घटना के विरोध में सुन्नी फोरम का कहना है की ऊँची जाति के मुसलमानो खासकर सैयदों को निचा दिखाने के लिए ईसाई संस्था और एनजीओ ने ये शर्मनाक हरकत की है। सैयदो को मुहम्मद पैगम्बर का वंशज माना जाता है।

मुसलमानों में ऊँचे तबको में गिने जाने वाले शेख समुदाय ने भी इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए एनजीओ के विरुद्ध कार्यवाई कहने की बात कही है। वही पठान समुदाय ने भी इस पर सरकार से संज्ञान लेने को कहा है।

संस्था ने मांगी माफ़ी

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चौतरफा हो रहे विरोध के बाद एनजीओ ने एक माफीनामा दिया जिसमे कहा गया है की संस्था का उद्देश्य किसी ख़ास धर्म, जाति या वर्ग का अपमान नहीं करना था। यदि किसी को संस्था के विज्ञापन से ठेस पहुंची है तो संस्था उसके लिए क्षमाप्रार्थी है और भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो उसके लिए कटिबद्ध है।

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