कहीं जिन्ना के सिधान्त पर सोचने न लग जाएँ कश्मीरी – फारुख अब्दुल्ला

कल जम्मू कश्मीर से पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने कहा है कि उन्हें इस बात का डर है कि कश्मीर के लोग यह सोचना शुरू कर सकते हैं कि मोहम्मद अली जिन्ना अपने द्विराष्ट्र के सिद्धान्त पर सही थे। इसकी शुरूआत हो चुकी है और कश्मीर घाटी के लिए यह समय काफी कठिन है। यह बात उन्होंने दादरी, उधमपुर, मुम्बई की घटनाओं और दिल्ली में कश्मीर के विधायक इंजीनियर राशिद के साथ घटित घटना के परिपेक्ष्य में कही।

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देश के प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें बिहार चुनाव से ज्यादा देश की चिन्ता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं यह चेतावनी देता हूं कि यह देश सबका है। जिस दिन आप यह सोचना शुरू कर देंगे कि यह केवल आपका है, आपको यह देखने के लिए तैयार रहना चाहिए कि देश टुकड़ों में बंट जाएगा।

आगे उन्होंने कहा कि मुसलमान ही नहीं, देश में रह रहे सभी अल्पसंख्यक डर महसूस कर रहे हैं। ऎसा पहले कभी नहीं हुआ था। अल्पसंख्यकों को अपनी और अपने बच्चों की चिंता हो रही है। ऎसा वाजपेयी के समय में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मैं आपको बाताना चाहता हूं कि ये देश सबका है, यहां के लोगों का है। जिस दिन आपने ये सोच लिया कि ये देश केवल आपका या एक समुदाय का है उस दिन से भारत के टुकड़े होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

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फारुक ने कहा कि यदि आप (नरेन्द्र मोदी) ऎसे तत्वों को खदेड़ना चाहते हैं तो आपको कड़ी कार्रवाई करनी होगी। यदि आप इंतजार करेंगे तो यह चिंगारी भड़ककर आग का शोला बन जाएगी और हालत आपके नियंत्रण से बाहर हो जाएंगे।

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