माता बनभौरी धाम के सरकारीकरण के फैसले पर भक्तो का तांडव, किये आत्मदाह के प्रयास

माता बनभौरी धाम के सरकारीकरण के फैसले पर भक्तो का तांडव, किये आत्मदाह के प्रयासमाता बनभौरी धाम के सरकारीकरण के फैसले पर भक्तो का तांडव, किये आत्मदाह के प्रयास

माता बनभौरी धाम के सरकारीकरण के विरोध में भारी संख्या में श्रद्धालु सड़क पर उतरे. इस दौरान एक युवक ने पेट्रोल से कपड़ों में आग लगा कर खुद को उसमें झोंकने का प्रयास किया.

लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे चद्दर ओढ़ाकर आग बुझाई. इसके बाद प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों और एसएचओ में तीखी नोंकझोंक भी हुई.

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विरोध प्रदर्शन में शामिल साधू संतों, महामंडलेश्वरों, खाप चौधरियों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने चेतावनी दी कि मंदिर का सरकारीकरण नहीं होने देंगे. पिछले महीने माता बनभौरी धाम को अव्यवस्था के चलते इसका सरकारीकरण का फैसला लिया गया था.

आरोप थे कि यहां मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए शुल्क लिया जाता है. इसी के विरोध में शुक्रवार को विभिन्न संगठनों, खापों के प्रतिनिधियों के अलावा साधु-संत पुरानी अनाज मंडी में एकत्रित हुए.

प्रदर्शनकारी जब बस स्टैंड के नजदीक पहुंचे तो एक युवक ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली. युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया. आग कपड़ों में लग गई. वहां मौजूद अन्य लोगों ने आग को बुझाया और युवक को चद्दर में लपेटा.

माता बनभौरी धाम के सरकारीकरण के फैसले पर भक्तो का तांडव, किये आत्मदाह के प्रयासइस मामले में एसएचओ सिविल लाइन सज्जन सिंह ने बताया कि उनके पास कोई शिकायत नहीं है. इस दौरान मंच से साधु-संतों, महामंडलेश्वरों, खापों से जुड़े प्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों के प्रधानों ने माता बनभौरी के सरकारीकरण के विरोध में सरकार को चेतावनी दी कि 15 दिन के अंदर फैसला वापस नहीं तो इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे.

प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि माता के मंदिर का सरकारीकरण किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा. विधानसभा में यह प्रस्ताव लाने वाली मंत्री कविता जैन और स्वीकृति की मोहर लगाने वाले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का सामाजिक बहिष्कार होगा.

महासम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे भारत साधु समाज के अध्यक्ष बंसीपुरी ने कहा कि मंदिर का सरकारीकरण एक-दो लोगों की रंजिशन भावना के कारण किया गया है. महासम्मेलन के बाद श्रद्धालु लघु सचिवालय पहुंचे और एसडीएम महाबीर प्रसाद को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

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