कॉलेज में रैगिंग का ये भयानक रूप

कॉलेज में रैगिंग का ये भयानक रूप
प्रतीकात्मक चित्र

रैगिंग को कॉलेज की घटिया व्यवस्था से व्याप्त बुराई के तौर पर देखा जाता रहा है लेकिन कई जगह रैगिंग के नाम पर सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों पर अत्याचार की हदें पार कर दी जाती हैं. ऐसा ही कुछ हुआ केरल के मल्लीपुरम स्थित एक मेडिकल कॉलेज में जहां रैगिंग के आरोप में 21 छात्रों को निलंबित कर दिया गया है.

दरअसल, फर्स्ट ईयर के करीब 40 छात्रों ने इन पर रैगिंग का आरोप लगाया है. छात्रों का कहना है कि उनके इन वरिष्ठ साथियों ने उन्हें जबरदस्ती कपड़े उतारने और टॉयलेट साफ करने के लिए मजबूर किया. आरोपों की जांच के लिए कॉलेज के तीन प्रोफेसर भी पुलिस के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं.

इससे पूर्व सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान में रैगिंग के एक मामले में आरोपी सात छात्रों में से पांच ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. इस मामले में प्रथम वर्ष के एक छात्र का गुर्दा क्षतिग्रस्त हो गया था.

नट्टाकोम स्थित पॉलिटेक्निक में 2 दिसंबर की रात पुरूष छात्रावास में प्रथम वर्ष के आठ छात्रों के साथ कथित तौर पर वरिष्ठ छात्रों के एक समूह ने क्रूर ढंग से रैगिंग की थी. इनमें से दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें से एक त्रिशूर जिले के इरिन्जालाकुडा का है और दूसरा एरनाकुलम जिले के चेरानाल्लूर का है.

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मीडियाो रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों ही छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने बताया कि इनमें से इरिन्जालाकुडा के छात्र के गुर्दे को काफी नुकसान पहुंचा है.

उन्होंने बताया कि, चिकित्सकों ने छात्र के गुर्दे के क्षतिग्रस्त होने की बात पता चलने के बाद उसे डायलिसिस पर रखा जहां पिछले 11 दिनों में तीन बार उसका डायलिसिस किया जा चुका है. आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित को शराब पीने के लिए मजबूर किया था जिसमें कुछ हानिकारक पाउडर मिला हुआ था.

उन्होंने इन छात्रों के साथ करीब छह घंटे तक क्रूर ढंग से रैगिंग की थी. पुलिस के मामला दर्ज करने के बाद से ही ये आरोपी फरार थे. उन्हें संस्थान से भी निलंबित कर दिया गया है.

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