योगी सरकार में बजट की भेंट चढ़ी एम्बुलेंस सेवा, ठोकरें खा रहें है मरीज

योगी सरकार में बजट की भेंट चढ़ी एम्बुलेंस सेवा, ठोकरें खा रहें है मरीज

योगी सरकार में बजट की भेंट चढ़ी एम्बुलेंस सेवा, ठोकरें खा रहें है मरीज

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दम भरने वाली प्रदेश सरकार की सेवाओं की जमीनी हकीकत दम तोड़ती नजर आ रही है। राजधानी से लेकर जिलों तक में अस्पतालों की स्थिति खुद बीमार चल रही है। जिससे आम जनता को अब एम्बुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है।

प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पिछले दिनों अलग अलग जिलों में दौरे करके अफसरों को सख्त हिदायतें दी थीं। लेकिन इसके बावजूद उनका असर फेल साबित हो रहा है। वहीं अफसर और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हैं कि बजट का रोना रोते हुए जनता के लिए प्रदेश सरकार की ओर से लागू की गई स्वास्थ्य सेवाओं पर कुडली मारे बैठे हैं।

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घटना बस्ती जिले की है, जहां मरीज को ले जाने के लिए एम्बुलेंस सेवा के लिए संपर्क किया गया तो पहले टालने की कोशिश की गई। लेकिन उसके बाद जब गंभीरता से बात की गई तो उधर से सुरेन्द्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि गाड़ी में तेल न होने के कारण एम्बुलेंस सेवा नहीं मिल पायेगी। जिससे परेशान होकर पीड़ित ने मुख्यालय में विजय कुशवाहा से संपर्क किया। पीड़ित से बात करने के दौरान विजय कुशवाहा ने भी यही जवाब दिया कि एंबुलेस में तेल न होने के कारण सेवा का लाभ नहीं दिया जा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आम जनता को मिल पाना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। यह हाल केवल बस्ती जिले का ही नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का है।

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