नमाज के लिए पुरानी दिल्ली के प्लेटफार्म पर किया अवैध कब्ज़ा, रेलवे ने मुंदी आँखे

दिल्ली के व्यस्त माने जाने वाले पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्लेटफार्म पर ही अवैध कब्ज़ा करके लोगों के वहां आने जाने पर रोक लगा दी है और वहां पर नमाज पढनी शुरू कर दी है।

Old delhi railway station illegal encroachment by muslim for offering namaz - नमाज के लिए पुरानी दिल्ली के प्लेटफार्म पर किया अवैध कब्ज़ा, रेलवे ने मुंदी आँखे

जानकारी के अनुसार पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर कुछ मुस्लिम लोगों ने रस्सियाँ लगा कर जगह घेर ली है। प्लेटफार्म पर ही एक बक्सा रख कर आम लोगों को वहां पर गुजरने से मना करने के लिए बाकायदा लिखवा भी दिया गया है।

वहां पर बाकायदा बोर्ड लगा कर पांच समय की नमाज का बोर्ड भी लगा दिया है ताकि वहां आने जाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ सके लेकिन प्लेटफार्म पर इस प्रकार से जगह कब्जाए जाने के बाद भी रेलवे विभाग की नींद नहीं खुली है।

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कुछ यात्रियों के अनुसार यहाँ पर नमाज के समय तो किसी को आने ही नहीं दिया जाता, बाकी समय में भी लोगों के आने जाने पर रोक लगाने के लिए रस्सियाँ लगा कर प्लेटफार्म को घेर लिया गया है।

Old delhi railway station illegal encroachment by muslim for offering namaz - नमाज के लिए पुरानी दिल्ली के प्लेटफार्म पर किया अवैध कब्ज़ा, रेलवे ने मुंदी आँखे

इस बाबत रिवोल्ट प्रेस ने रेलवे मिनिस्टर को ट्वीट करके उनका मत जानना चाहा पर एक एक ट्वीट पर नजर रखने वाले और तुरंत जवाब देने वाले रेलवे मंत्रालय ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

Old delhi railway station illegal encroachment by muslim for offering namaz - नमाज के लिए पुरानी दिल्ली के प्लेटफार्म पर किया अवैध कब्ज़ा, रेलवे ने मुंदी आँखे इस अवैध कब्जे को लेकर रेलवे में यात्रा करने वाले कई लोगों में ख़ासा गुस्सा है। कई लोगों के अनुसार किसी यात्रा द्वारा एक ट्वीट करते ही एक सत्संग मंडली पर कार्यवाई की गयी थी पर यहाँ तो पूरा का पूरा प्लेटफार्म ही कब्जा लिया गया है तब भी रेलवे चुप बैठा है तो क्या हर समुदाय के लिए अलग अलग कानून है।

लोगों इस पर भी नाराजगी जाहिर की है की सम्बंधित विषय की सुचना रेलवे को दिए जाने के बाद भी कोई कार्यवाई नहीं की गयी है जिससे यात्रियों में रेलवे की भेदभाव पूर्ण नीति के कारण ख़ासा रोष है।

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