हिन्दुओ पर अत्याचार के विरोध में इस उपन्यासकार ने लौटाया पुरस्कार, कहा हिन्दुओ पर बढ़ रहे है अत्याचार

देश के इतिहास में हिन्दू हित के लिए पहली बार लौटाया राशी सहित अवार्ड, जानें ये है बड़ा कारण

देश के इतिहास में हिन्दू हित के लिए पहली बार लौटाया राशी सहित अवार्ड, जानें ये है बड़ा कारण

देश के इतिहास में हिन्दुओ पर हो रहे अत्याचारों से दुखी होकर पहली बार किसी ने अपना पुरुस्कार और पुरस्कार राशी दोनों लौटा दिए हैं.

अभी तक देश में केवल मुस्लिम और वामपंथी चाटुकार लोगो ने हिन्दू संगठनो को और हिंदुत्व को नीचा दिखाने के लिए पुरुस्कार लौटाए थे. जिसके कारण कारण भी कुछ नही केवल कभी गौ-हत्या के दोषी और कभी ट्रेन- बसों के झगडे तो कभी खेत में चली को साम्प्रदायिक रंग दिया गया.

और देश की सरकार को खूब बदनाम करने के कोशिश की. और देश में अस्थिरता पैदा करने के प्रयास किये गये, लेकिन पश्चिम बंगाल में हो रहे हिन्दू दमन जो की बहुत बड़े स्तर पर हो रहा है. उसके विरुद्ध एक शब्द बोलने के लिए इन सभी के मुंह में दही जम गयी.

Loading...

देश के इतिहास में हिन्दू हित के लिए पहली बार लौटाया राशी सहित अवार्ड, जानें ये है बड़ा कारण‘पश्चिम बंगाल’ में गोरखाओं पर ताबड़तोड़ गोलियां चली और उसमे कुछ मारे गए और तमाम घायल हुए। कईयों को घसीट घसीट कर जेलों में डाला गया। यहाँ तक की हाथों में ‘तिरंगा’ लिए प्रदर्शन कर रही गोरखा महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया और उनके साथ अभद्रता की गयी।

इस घटना पर काफी दिन से किसी न किसी की प्रतिक्रिया अपेक्षित थी पर वो खामोश रहे। सब शायद हिन्दू संगठनों के खिलाफ प्रदर्शन कर के थक चुके थे और उन्हें लम्बे आराम की जरूरत महसूस हो रही थी।

सुबह उठ कर उन्हें गौ रक्षको के खिलाफ भी हल्ला बोलना व छातियाँ पीटना था इसलिए उन्होंने इस मामले में चुप्पी साध ली। जब बंग्लादेशियों को दुलारने और गोरखाओं को दुत्कारने की हद ही पार हो गयी तो पहला ऐसा अवार्ड लौटाया गया।

जिसका सम्बन्ध हिन्दुओं की पीड़ा से था .. यह पुरष्कार लौटाने वाले उपन्यासकार का नाम है श्री ‘के एस मुखतन जी’ जिन्होंने एक गोरखा हिन्दुओं के तरफा दमन व उनके ऊपर हो रहे मुगलों से भी बर्बर अत्याचार के विरोध में अपना अवॉर्ड वापस करने का एलान किया है।

संबंधित समाचार

कहीं ऐसा ना हो कि पश्चिम बंगाल आने वाले दिनों में मिनी बांग्लादेश बन जाए : BJP नेता

बंगाल की ईदी-अमीन हैं ममता बनर्जी, राष्ट्रपति शासन की माँग  हिन्दू महासभा नेता

बंगाल : 95% मुस्लिमों को मिल रहा ओबीसी आरक्षण का लाभ

बंगाल : सरस्वती पूजा की मांग कर रहे हिन्दू छात्रों को पुलिस ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा

कश्मीर-कैराना की राह पर बंगाल, घर छोड़कर भाग रहे हिन्दू परिवार

बंगाल : एक साथ कई जगह पर तनावपूर्ण स्थिति, हाजीनगर में हुआ हिन्दुओं का पलायन

वोट बैंक राजनीति के लिए ममता बनर्जी ने बंगाल को देश विरोधी गतिविधियों का केंद्र बना दिया : शाह

सरकार द्वारा मिला अवॉर्ड लौटाते समय बेहद भावुक हो चुके श्री मुखतन जी ने मीडिया को बताया कि,

‘दार्जिलिंग’ की जनता ‘गोरखालैंड’ बनाने की मांग कर रही है, इसमें कोई बुराई नहीं और ये उनका अधिकार है।

“के एस मुखतन” बताया कि, हिन्दुओं पर हो रहे आत्याचार के कारण मैं अपना पुरस्कार लौटा रहा हूँ और खुद भी इस आंदोलन में पूर्ण रूप से हिस्सेदारी लेने जा रहा हूँ। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई पुरस्कार नहीं चाहिए बल्कि ‘गोरखालैंड’ चाहिए और वो इसको हासिल करके रहेंगे चाहे इसके लिए इन्हें कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।

मुखतन के साथ गायक करमा योंजन ने भी दिसंबर 2016 में मिले अवार्ड को लौटा दिया है। उन्‍होंने कहा, ”दिसंबर 2016 में एक अवार्ड मिला था, विरोध में सरकार को लौटा रहा हूं। मुझे ये अवार्ड नहीं चाहिए।”

Follow us on facebook -