यह चमत्कारिक ख़िलाड़ी : जिसके लिए ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतना बाएं हाथ का खेल है

रियो डि जिनेरियो : चमत्कारिक अमेरिकन तैराक माइकल फेल्प्स ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए  200 मीटर तैराकी स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक में इतिहास रच दिया है।

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माइकल फेल्प्स दुनिया के ऐसे पहले तैराक बन गए हैं जिन्होंने चार ओलंपिक में लगातार एक ही स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीते हैं। इस स्पर्धा में फेल्प्स ने अमेरिका के ही रियान लोशे को पीछे छोड़ दिया। 

इस पदक से ओलंपिक में उनके स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है और वह एक ही व्यक्तिगत स्पर्धा में लगातार चार ओलिंपिक में खिताब जीतने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए।

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अपना पांचवां और आखिरी ओलिंपिक खेल रहे फेल्प्स से पहले चक्काफेंक में अल ओर्टर (1956 से 1968) और लंबी कूद में कार्ल लुईस (1984 से 1996) लगातार चार खिताब जीत चुके हैं।

यह मुकाबला फेल्प्स और अमेरिका के ही रियान लोशे के बीच माना जा रहा था, लेकिन फेल्प्स ने एक मिनट 54.66 सेकंड का समय निकालकर लोशे को काफी पीछे छोड़ दिया।

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इस तैराकी प्रतियोगिता में जापान के कोसुके हागिनो ने रजत पदक जीता जबकि चीन के वांग शुन ने कांस्य पदक पर कब्जा किया।

अपने सुनहरे करियर में वह 22 ओलिंपिक खिताब और कुल 26 पदक जीत चुके हैं।

जीत के बाद उन्होंने कहा कि, यह अद्भुत है लेकिन हर दिन मेरे लिये सपना सच होने जैसा है, बचपन से मैं ऐसा कुछ करना चाहता था जो किसी ने नहीं किया हो और मुझे इसमें मजा आ रहा है।

फेल्प्स ने 100 मीटर बटरफ्लाई फाइनल में भी प्रवेश कर लिया है, जो वह एथेंस, बीजिंग और लंदन में जीत चुके हैं।

हालाँकि अब वह अधिकतम छह ही स्वर्ण जीत सकते हैं जितने उन्होंने एथेंस ओलंपिक में जीते थे। जबकि 2008 के चीन ओलंपिक में उन्होंने आठ स्वर्ण पदक हासिल किए थे।

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