गोधरा कांड का मुख्य अभियुक्त फारूख़ गिरफ़्तार

अहमदाबाद: 27 फरवरी 2002 को गोधरा स्टेशन में खड़ी साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस -6 में सफ़र कर रहें हिन्दू तीर्थयात्रियो हत्या करने वाले मुख्य प्रमुख षड्यंत्रकारी फारुक भाणा को 14 वर्षों बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है।

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फाईल फोटो

साबरमती एक्सप्रेस के एस -6 कोच आग लगाकर से 59 हिन्दू तीर्थयात्रियो की हत्या कर दी गयी थी,
यह सभी लोग अयोध्या की यात्रा कर लौट रहें थे। इनमें इनमे 27 महिलाएं और 10 बच्चे आग में जल कर तुरत मर गए थे जबकि 48 लोग बुरी तरह झुलस गए थे। इसके फलस्वरूप गुजरात में दंगे हुए जिनमे कई लोग मरे गए।

इस मामले में 97 मुस्लिम अभियुक्तों को चिन्हित कर उनकी गिरफ़्तारी हुई थी। और 2011 में गोधरा की एक अदालत ने इनसे से कुल 31 अभियुक्तों को दोषी पाया था। चार अभियुक्तों को पुलिस नही पकड पाई थी। जो इस घटना के बाद से ही फरार चल रहें थे।

इससे पहले मामले के अन्य आरोपी फारूक मोहम्मद धांतिया, कादिर अब्दुल गनी और सुलेमान मोहन पिछले वर्ष ही गुजरात ATS ने गिरफ्तार किया हैं। और अब 14 वर्षों के बाद इस हत्याकांड में फरार चल रहें फारुक भाणा की यह चौथी गिरफ्तारी हैै।

ATS टीम ने फारुक भाणा को पंचमहल जिले के कलोल टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में एटीएस तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इससे पहले फारूक मोहम्मद धांतिया को भी गुजरात पुलिस ने पंचमहल से ही पिछले वर्ष गिरफ्तार किया था।

11 अभियुक्तों को फांसी की सज़ा सुनाई गई थी, जबकि 20 को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी। 64 अभियुक्तों के विरुद्ध साक्ष्य ना होने के कारण उन्हें बरी कर दिया गया था।

गुजरात पुलिस के ATS के प्रमुख हिमांशु शुक्ल ने स्थानीय मीडिया में बताया कि, फारूख़ भाणा गोधरा कांड के मुख्य अभियुक्त हैं। ट्रेन में आग लगाने के लिए फ़ारूख़ ने पेट्रोल बम का इंतज़ाम किया था और घटना के बाद वो फ़रार हो गया था।

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पुलिस के अनुसार, पहले ये जानकारी मिली थी कि फ़ारूख़ पाकिस्तान भाग गया है लेकिन वो हाल में गुजरात लौट आया था। इसके बाद वो कलोल में छिपा हुआ था। जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली, उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया।

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