जानिये मुताह को:-जो हलाला की तरह ही इस्लाम में एक और मान्यता प्राप्त कुकर्म है

जानिये मुताह को:-जो हलाला की तरह ही इस्लाम में एक और मान्यता प्राप्त कुकर्म है.

जानिये मुताह को:-जो हलाला की तरह ही इस्लाम में एक और मान्यता प्राप्त कुकर्म है

जिस प्रकार हलाला एक महिला के लिया समझौता होता है अपना शरीर किसी की हवस की पूर्ति के लिए सौंप देना, उसी प्रकार मुताह भी मुस्लिम पुरुषों की सेक्स की हवस मिटने के लिए अस्थायी निकाह है. इसकी अवधि तय होती है, कि मुताह यानि इस्लामिक कानूनी वेश्यावृति कितने दिन, महीने, साल आदि के लिए होगी.

यह अमूमन यह दो प्रकार का होता है

  1. जिहाद के लिए

माना जाता है कि जब फौजें चलती थीं तो जहां फतह मिलती थी,  मुसलमान सैनिक वहां की औरतों से बलात्कार करते थे. अगर बच्चे हो जाते थे तो वे नाजायज कहे जाते थे. इसलिए मुताह निकाह का सिस्टम बनाया गया.

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जिहाद में लड़ने वाले जिहादी (आतंकवादी) मुसलमानों को सेक्स संतुष्टि उपलब्ध कराने के लिए ताकि जिहादी पूरा ध्यान जिहाद पर लगायें. इसके लिए मुस्लिम लड़कियों का जिहादियों से अस्थायी निक़ाह करा दिया जाता है.

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वे उन्हें अस्थायी रूप से भोगते हैं और जब प्रेग्नेंट हो जाती हैं तो उन्हें वापस भेज देते हैं. कश्मीर में ऐसे कई मामले सामने आये हैं. इसका विस्तृत ब्यौरा एक बार सहारा न्यूज पेपर में आया था और “कितने पाकिस्तान” नामक किताब में भी. इसी के तहत कई लड़कियां ISIS में सिर्फ आतंकियों की सेक्स संतुष्टि के लिए ही शामिल हुई थी. ISIS  की तरह ISI  भी इसी माध्यमसे अपने आतंकियों को लडकियाँ उपलब्ध करवाते हैं.

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